Unity in diversity essay in hindi. भारत में विविधता में एकता पर निबंध 2022-11-02

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विविधता में एकता एक ऐसा स्थान है जहां हमारे विभिन्न संस्थान, धर्म, जाति, भाषा, संस्कृति आदि में एक साथ होते हैं। हमारा देश भारत एक ऐसा देश है जहां हमारे विविध जातियों, धर्मों और भाषाओं को समर्थन मिलता है। इसलिए, भारत में विविधता एक अनमोल धन है जो हमारे देश को विश्व में अनूठा बनाता है।

हालांकि, विविधता को समर्थन करने के साथ ही, हमारे देश में भी अनेक तरह से विभिन्नता से संबंधित समस्याएं हैं। जैसे कि धर्मीय अभिव्यक्तियों से जुड़ी अंधाधुंधियां, जाति अभिव्यक्तियों से जुड़ी अन्याय और अस्वस्थताएं आ

राष्ट्रीय एकता पर निबंध 500+ Words Essay on National Unity in Hindi

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ADVERTISEMENTS: भारत में विविधता में एकता पर निबंध दो निबंध Read These Two Essays on Unity in Diversity in India in Hindi. हम भारत को यदि बाग कहें तो गलत नही होगा क्योंकि यहाँ भी उतनी ही विविधता है जितना बाग में होती है। वहाँ भी अलग अलग प्रजाति के पुष्प खिलते है लेकिन सब मिलकर वातावरण को सुगंधित करते हैं। ठीक ऐसे ही हम भारतीय हैं। Essay on importance of Unity in Diversity in Hindi 500 Words प्रस्तावना एक कहावत कही जाती है कि हाथ की पांचों उंगलियां भले ही बराबर न हो लेकिन एक उंगली यदि हटा दी जाए तो मुट्ठी नही बांध पाएंगे। यह कहावत असल मे एकता की शक्ति को दर्शाती है। एकता का महत्व बहुत ज्यादा है। खासकर भारतीय समाज मे इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा विविधता है। हमारे देश का इतिहास बहुत प्राचीन है और यह बात हमारे पूर्वज जानते थे कि भारत एकता का अर्थ हम किसी दूसरे से भिन्न नही है बल्कि उसी के समान है यही भाव एकता का भाव कहलाता है। एकता का मतलब है हम एक हैं। लेकिन हमारे देश में तो इतनी विविधता हम भारतीयों के अंदर एकता का भाव किसी जाति, धर्म आदि के आधार पर नही आया है क्योंकि इस आधार पर तो हमारे देश मे बहुत ज्यादा विविधता है। एकता एकता का महत्व भारतीय समाज में अनेक लोकोक्तियाँ प्रचलित हैं जो एकता के महत्व को बताती है। जैसे कहा जाता है कि अकेला चना भाड़ नही फोड़ सकता। एक अकेला तिनका किसी काम का नही होता लेकिन जब यही मिलकर एक रस्सी बन जाता है तो बलशाली हाथी को भी काबू कर लेता है। यही एकता ही शक्ति है। विश्वविजयी सिकंदर जब पूरी दुनियाँ को जीतने इसका कारण रहा भारतीय राजाओं की एकता। आचार्य चाणक्य इस बात को भलीभांति जानते थे कि सिकंदर को हराना है तो भारत को एक होना ही पड़ेगा। एकता की शक्ति के अनेकोनेक उदाहरण मिल जाएंगे। हमारे देश को आजादी भी एकता के बल स्वार्थ है एकता का दुश्मन. राष्ट्रीयएकताकामतलबहैसम्पूर्णभारतकोएकताएवंअखंडताकेसूत्रमेंबांधेरखना।जबतकराष्ट्रकेसभीनागरिकएकनहींहोंगे, तबतकदेशकासम्पूर्णविकासनहींहोसकताहै।औरभारततोविभिन्नतामेंएकता unity in diversity दर्शातीहै, इसलिएहमारेलिएराष्ट्रीयएकताऔरभीमहत्वपूर्णहोजातीहै। राष्ट्रीयएकतापरनिबंध हमारादेशविश्वकेमानचित्रपरएकविशालदेशकेरूपमेंचित्रितहै।प्राकृतिकरचनाकेआधारपरतोभारतकेकईअलग-अलगरूपऔरभागहैं।उत्तरकापर्वतीयभाग, गंगा-यमुनासहितअन्यनदियोंकासमतलीयभाग, दक्षिणकापठारीभागऔरसमुद्रतटीयमैदान। भारतकाएकभागदूसरेभागसेअलग-थलगपड़ाहुआहै।नदियोंऔरपर्वतोंकेकारणवेभागएक-दूसरेसेमिलनहींपातेहैं।इसीप्रकारसेजलवायुकीविभिन्नताऔरअलग-अलगक्षेत्रोंकेनिवासियोंकेजीवन -आचरणकेकारणभीदेशकास्वरूपएक-दूसरेसेविभिन्नऔरपृथक्पड़ाहुआदिखाईदेताहै।इनविभिन्नताओंकेहोतेहुएभीभारतएकहै। इसप्रकारभारतकीएकताऐतिहासिकदृष्टिसेएकहीसिद्धहोतीहै।हमारेदेशकीएकताकाएकबड़ाआधारदर्शनऔरसाहित्यहै।हमारेदेशकादर्शनसभीप्रकारकीभिन्नताओंऔरअसमानताओंकोसमाप्तकरनेवालाहै।यहदर्शनहै- सर्वसमन्वयकीभावनाकापोषक।यहदर्शनकिसीएकभाषामेंनहींलिखागयाहै, बल्कियहदेशकीविभिन्नभाषाओंमेंलिखागयाहै। भारतकीएकताकीसबसेबड़ीबाधाहीऊँचे-ऊँचेपर्वत, बड़ी-बड़ीनदियाँदेशकाविशालक्षेत्रफलआदि।जनताइन्हेंपारकरनेमेंअसफलहोजातीथी।इससेएक-दूसरेसेसम्पर्कनहींकरपातेथे।आजकीवैज्ञानिकसुविधाओंकेकारणअबवहबाधासमाप्तहोगईहैं।देशकेसभीभागएक-दूसरेसेजुड़ेहुएहैं।इसप्रकारहमारीएकताबनीहुईहै। हमारेदेशकीएकताकासबसेबड़ाआधारप्रशासनकीएकसूत्रताहै।हमारेदेशकाप्रशासनएकहै।हमारासंविधानएकहैऔरहमदिल्लीमेंबैठे-बैठेहीपूरेदेशपरशासनएकसमानकरनेमेंसमर्थहैं।राष्ट्रीयएकतासमयकीपुकारहै।सभीदेशवासियोंकायहकर्तव्यहैकिवेराष्ट्रकेप्रतिअपनेउत्तरदायित्वकापालनकरेंऔरराष्ट्रीयएकता national unity बढ़ानेमेंअपनायोगदानदें।. यह जड़ अथवा स्थिर नहीं, बल्कि सचेतन और गतिशील है । इसने समय-काल के अनुरूप अपना कलेवर आत्मा नहीं बदला ही नहीं, वरन् उसे अति ग्रहणशील बनाया है । V. Now learn essay on unity in diversity 250 words for classes 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12.

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भारत में विविधता में एकता पर निबंध

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पुरे विश्व में विविधता में एकता को केवल भारत में देखि जाती है। Students in school, are often asked to write Long essay on Unity In Diversity in Hindi. भारतीय सामाजिक व्यवस्था को देखने पर यह मिलता है यहाँ हर व्यक्ति दूसरे पर निर्भर है। जैसे हमारा देश मे जो जाति प्रथा थी उसमें यह बताया गया था कि किस जाति का व्यक्ति क्या काम करेगा। जैसे किसान का एक दूसरे पर यह निर्भरता सिर्फ इस वजह से थी क्योंकि एक व्यक्ति अपनी सभी जरूरत को पूरी नही कर सकता था। जाति का यही व्यवस्था फिर अलग अलग धर्मों पर भी लागू हो गई। एक धर्म के लोग, दूसरे धर्म के लोग पर किसी खास काम के लिए निर्भर रहने लगे जिसके बाद यही आत्मनिर्भरता के कारण ही आपसी एक कि बुनियाद मजबूत हुई। निष्कर्ष. आज हम देखते हैं कि किसी देश मे रंगभेद के कारण एक दूसरे पर अत्याचार किया जा रहा है तो किसी देश मे किसी खास धर्म से नाता रखने के कारण उन्हें धर्म परिवर्तित करने के लिए मजबूर किया जा रहा और उन पर अत्याचार हो रहे हैं। लेकिन जब भारत की तरफ नजर डालते हैं तो पाते हैं कि पिछले 50 सालों में अल्पसंख्यको की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नही है, बल्कि यह बताता है कि हमारे देश मे लोग कितना सुरक्षित है और सभी के बीच आपसी सम्मान और प्रेमभाव आज भी बरकरार है। विविधता में एकता पर स्पीच Speech on Unity in Diversity माननीय प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित शिक्षकगण, मेरे सहपाठी और सभी छोड़े बड़े साथियों। आज हम अपने देश की आजादी का पर्व मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। यह बात तो हमसब जानते हैं कि हमें यह आजादी कितनी मुश्किलों और कुर्बानियों के बाद मिली है। लेकिन हमारी आजादी ने यह बात जरूर सिद्ध कर दिया कि एकता में शक्ति होती है और हमारा देश तो विविधता में एकता इसी वजह से भारत मे कोई भी लंबे वक्त तक राज नही कर पाया क्योंकि इधर की विविधता से सामंजस्य बैठाना बिलकुल भी आसान नही है। आजादी के बाद से हमारा देश बहुत बदला है। यह बदलाव न सिर्फ देश की सोच में दिखाई देता है बल्कि सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक हर एक मोर्चे पर इसे महसूस किया जाता है। जब भी कोई बड़ा देश जिसमें इतनी ज्यादा विविधता Essay On Unity in Diversity in Hindi मौजूद हो वह बदलाव के दौर से गुजरता है तो यह बिलकुल भी आसान नही होता क्योंकि एकरूपता को हमेशा की विकास का सहायक और विविधता को विकास का रोधक माना जाता है। लेकिन हमारे देश मे ऐसा कुछ देखने को नही मिला। देश में बदलाव होते रहे और लोग इन बदलावों के साथ खुद को ढालते रहे। लेकिन यह सब संभव नही हो पाता यदि देश के लोगो मे एकता की भावना नही होती। भारत को त्यौहारों का देश कहा जाता है। यहाँ रहने वाले लोग अपने धर्म पर भरोसा करते हैं और दूसरे के धर्म का सम्मान करते हैं। यही वजह है कि नवरात्रि में गुजरात मे पंडाल लगता है तो उसमें मुश्लिम समुदाय के लोग न सिर्फ मदद करते हैं साथ मे गरबा देखने भी आते हैं। कृष्ण की नगरी में जब कृष्णजन्माष्टमी मनाई जाती है और वहाँ मटकी फोड़ने का आयोजन किया जाता है तो तो उसमें मुश्लिम भी शामिल होते हैं। देश की विविधता Essay On Unity in Diversity in Hindi में एकता के अनेकों उदाहरण हमको देखने को मिल ही जाते हैं। हमारे देश मे जहाँ 150 से ज्यादा भाषाएँ और 3000 से भी ज्यादा बोलियाँ हैं, जो देश 29 राज्यों में बंटा हुआ है और हर राज्य की सांस्कृतिक विरासत अलग अलग है वह देश इतनी विविधता के बावजूद भी विश्व मे मजबूती से खड़ा है। लोग हैरान होते हैं हमें देखकर की हम इतने अलग होने के बाद भी कैसे एक दूसरे के साथ रह लेते हैं। विदेशी पर्यटकों के मन की यही कौतूहल उन्हें भारत खींचकर लाती है। भारत हमेशा से ही विविधता Essay On Unity in Diversity in Hindi को मानता रहा है और इसे स्वीकार करता आया है। हममें से बहुत सारे लोग इस बात को नही जानते कि अरब देशों के बाद दुनियाँ के जिस देश मे पहली मस्जिद बनी थी वह देश भारत ही है। इसका निर्माण 629 ईसवी में हुआ था। उस वक़्त तो हमारे देश मे इस्लाम की शुरुआत भी नही हुई थी फिर भी हमारे देश के राजा ने इस्लामिक इबादतगाह बनाने की अनुमति सिर्फ इस वजह से दी थी क्योंकि एकता और सभी धर्मों के लिए सम्मान का भाव हमारे समाज के बुनियाद में है और यह अभी भी झलकता है। इस देश को लोगो को कोई अनुशासन नही सिखाता लेकिन फिर भी सब अनुशाषित रहते है क्योंकि यह भी हमारी सभ्यता का हिस्सा है। विविधता में एकता Essay On Unity in Diversity in Hindi का भाव जबतक हमारे देशवासियों में रहेगा तब तक इस देश का कोई बाल भी बांका नही कर सकता। हमारे देश के युवाओं को भी यह बात भलीभांति समझना होगा कि सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग से ही इस देश के विकास की कुंजी है क्योंकि यदि विविधता ही देश के विकास में गतिरोध उत्पन्न करने लगेगी तो फिर उस गरीरोध को कोई दूर नही कर सकेगा। इसलिए यह जरूरी है कि हम सभी धर्मों, जाति और लोगो का सम्मान करें। धन्यवाद. हमारे बीच आपसी लड़ाई क्यों नही होती? The chances of clashes increase with diversity in the nation. We use your comments to further improve our service. The importance and beauty of Diversity India is a nation to call itself a secular, federal, and nation working on the principles of fraternity and democracy. All the States of India have a distinct culture and most of them even a vernacular language, but all of us together are Indians.

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अनेकता में एकता : भारत की विशेषता

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The beauty is in the diversity of the civilisation, we all have different socio-cultural identities. विविधता में एकता। Anekta Mein Ekta or Unity in Diversity Essay in Hindi language. Hope you loved the essay on unity in diversity. Now you can submit your Hindi essays which we will update on our blog. Some women wear Ghagra, while a few wear kanjivaram sarees , some men wear dhotis some wear lungis.

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विविधता में एकता निबंध

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This website includes study notes, research papers, essays, articles and other allied information submitted by visitors like YOU. People always feel threatened, insecure if they belong to a minority community, similarly, someone who belongs from the majority -community might dominate the other people claiming more power. जिस प्रकार एक चींटी कुछ नही कर सकती जबकि चींटियों का एक झुंड मिट्टी का घर बना देती है ठीक उसी तरह समाज एक है तो बहुत कुछ किया जा सकता है। जब अंग्रेज भारत आए थे तो उन्होंने फुट डालो और शासन करो कि नीति अपनाई थी क्योंकि उन्हें पता था कि भारत एक विशाल देश है और जब तक यहाँ शासक और प्रजा एक रहेंगे तब तक राज करना संभव नही है। अनेकता में एकता पर भाषण Speech of Unity in Diversity in Hindi आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे सहपाठियों. People go taking actions in rage and they become intolerant of the other communities and in result, they harm the harmony of the state. We help the students to do their homework in an effective way. भारत मे विभिन्न धर्मों पर आस्था रखने वाले लोग एक साथ रहते हैं। भारत मे सबसे अधिक जनसंख्या हिंदुओं की है, इसके बाद मुश्लिमों कि जनसंख्या है। हिन्दू, मुश्लिम के अलावा यहाँ सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध, के अलावा अलग अलग पंथ पर आस्था रखने वाले लोग रहते हैं। भारत मे रहने वाले सभी लोग एक दूसरे के धर्मों को का सम्मान करते हैं और दूसरे धर्म के लोगो के त्यौहार में भी हिस्सा लेते हैं। गणपति पंडाल पर मुश्लिम लोग भी व्यवस्थाओं भारत मे इतनी ज्यादा धार्मिक विविधता देखने को जरूर मिलती है लेकिन कभी कभी कुछ लोग इसी विविधता का गलत फायदा उठाते हैं और समाज मे द्वेष फैलाने का काम करते हैं। लेकिन जब बात देश की आती है तो सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर देश की ताकत बढ़ाते हैं। भारत मे हर धर्म के लोगो के आस्था से जुड़े कुछ विशेष जगह भी मौजूद है। जैसे अजमेर शरीफ, बोधगया, अमृतसर का स्वर्ण मंदिर, हिंदुओं के सभी तीर्थ स्थल मौजूद है। लोग अपनी आस्था के अनुरूप पूजा कर सकते हैं। भारत मे भाषाई विविधता.

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Unity in Diversity Essay in Hindi विविधता में एकता पर निबंध

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Keep Reading this Beautiful essay on unity in diversity …. एकता एक भाव है जिसका जन्म किसी के अंदर तब होता है जब उसे इस बात का ज्ञान होता है कि दूसरा भी उसी की भांति है, उससे भिन्न नही है। स्थूल स्तर Short Essay on Unity in Diversity in Hindi 100 words हमारा देश एक विशाल देश माना जाता है, जहाँ करीब 130 करोड़ लोग प्रेमभाव के साथ रहते हैं। भारत दुनियाँ का एक मात्र ऐसा देश है जहाँ हर धर्म, पंथ, विचारधारा और संप्रदाय को मानने वाले लोग रहते हैं। सभी लोगो के रस्म-रिवाज, पहनावा और बोली भाषा अलग होती है लेकिन फिर भी किसी के अंदर दूसरे के प्रति वैमनस्य इसी वजह भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर 100 किलोमीटर में बोली बदल जाती है, 400 किमी. विविधता में एकता निबंध- Unity in Diversity Essay in Hindi Language विविधता में एकता से अभिप्राय बहुत सी असमानताओं में भी एकता की मौजुदगी ये है। भारत अत्यधिक जनसंख्या वाला देश है और विविधता में एकता का सबसे बेहतरीन उदाहरण भी है। भारत में विभिन्न धर्मों, जातियों, परंपराओं और संस्कृतियों वाले लोग एक साथ मिल जुलकर रहते हैं और एक दुसरे के धर्म और रहन सहन का पूर्ण सम्मान करते हैं। यहाँ पर हिंदुओं का पर्व दिवाली, मुस्लिमों की ईद, सिक्खों का गुरपूर्व और ईसाई धर्म का पर्व क्रिसमस एक साथ मिलकर बड़ी धुमधाम से मनाओ जाते हैं। यहाँ पर लगभग 1650 भाषाएँ और बोलियाँ बोली जाती है। इतनी विविधताएँ होने के बावजूद भी सभी लोग एक जमीन पर मिल जुलकर रहते हैं और इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं। भारत में हर कदम की दुरी पर लोगों के रहन सहन और बोली में विभिन्नता है लेकिन फिर भी सभी एक दुसरे के साथ जुड़े हुए है। भारत एक धर्म निर्पेक्ष देश है। इसकी विविधता में एकता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। देशभक्ति, देश प्रेम, अध्यातमिकता, ईश्वर में विश्वास और इंसानियत ने सभी लोगों को एक साथ जोड़ कर रखा हुआ है। विविधता में एकता प्रत्येक राष्ट्र के लिए लाभकारी है। इससे लोगों में मिल जुलकर कार्य करने और किसी भी संगठन को सुचारू रूप से चलाने की क्षमता बढ़ती है। धर्म जाति आदि के नाम पर दंगो के खतरे कम हो जाते हैं। किसी भी व्यक्ति के आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुँचती है। राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है और राष्ट्र उन्नति के पथ पर अग्रसर होता है। यह हमें विभिन्न फसलें प्रदान करता है जिससे कि हमें कृषि प्रदान बनाता है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। यह किसी भी राष्ट्र की संस्कृति को संपन्न बनाने में मदद करता है और पर्यटन और रोजगार के नए नए अवसरों से लोगों को अवगत कराता है। भारत की विविधता में एकता ही लोगों को भारत में पर्यटन के लिए आकर्षित करती है और भारत को महान देश बनने में मदद करती है। हालांकि कभी कभी इसी विविधता में एकता के कारण कई सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है। इसलिए भारत के नागरिक होने के कारण यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम इसकी एकता को बनाए रखे और विविधता के कारण कोई भी समस्या उत्पन्न न हो। विविधता में एकता ही देश की असली खुबसूरती है। यह वर्तमान की खुशहाली और भविष्य की प्रगति का प्रतीक है। अनेकता में एकता पर निबंध Essay on Unity in Diversity in Hindi Essay on National Flag in Hindi- राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध राष्ट्रभाषा पर निबंध- Essay on National Language in Hindi. एकता एक भाव एकता Essay On Unity in Diversity in Hindi का सबसे बड़ा शत्रु स्वार्थ है। जहाँ स्वार्थ की भावना है वहाँ एकता का भाव नही हो सकता,क्योंकि जहाँ एकता है वहाँ कोई अपना हित बस नही देखता बल्कि सबके भलाई का विचार रखता है। यह बात हम सब जानते हैं कि भारतीय समाज मे बहुत विविधता है, और यह हजारों सालों से बनी हुई है। लेकिन कुछ लोग अपनी स्वार्थसिद्धि लोगो की अंदर इस विविधता को आधार बनाकर गलत भाव डाले जा रहे हैं, जिसका असर कही न कही हमारे समाज मे दिखाई देने लगा है। निष्कर्ष. विविधता में एकता पर निबंध। First of all you should know Unity in Diversity meaning in Hindi? Essay on Unity in Diversity in Hindi 1000 Words प्रस्तावना.

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Essay on Unity in Diversity (अनेकता में एकता पर निबंध)

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आज हम सब इस मंच हमारे देश का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। इतने लंबे काल मे कई अलग अलग धर्म को मानने वाले लोग भारत मे शरण लेने आए और यही के होकर रह गए। लेकिन इस देश की महानता देखिए कि किसी को यह एहसास नही कराया जाता है कि वो यहाँ के मूल निवासी नही है। जबकि दुनियाँ भारत देश में जितनी विविधता है उतना किसी देश में नही है, और अगर होती भी तो पता नही वो किस भांति अपने देश को संभालते लेकिन थोड़ी सी विविधता भी कई देशों को सहन नही है। दुनियाँ के अधिकतर देश एकरूपता के आधार यहाँ हिन्दू, मुश्लिम, सिख, ईसाई, जैन, पारसी, सिंधी, बौद्ध जैसे तमाम धर्मों का अनुसरण करने वाले लोग रहते हैं, जिनका, खानपान, पहनावा, मान्यता, त्यौहार, बोली भाषा सब कुछ अलग है लेकिन फिर भी सब एक है। सबकी पहचान भारतीय है और भारतीय होने पर सबको गर्व है। सभी लोग यहाँ मिलजुल कर रहते हैं। एक दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं और खुशी खुशी सब एक दूसरे को बधाई देते हैं। सच कहें तो ऐसा दृश्य सिर्फ भारत मे ही देखने को मिल सकता है और दूसरे किसी देश मे नही। उत्तर भारत में जहाँ हिंदी भाषा बोली जाती है वही महाराष्ट्र में मराठी, केरल में मलयालम, तमिलनाडु में तमिल आंध्रप्रदेश में तेलुगु, उड़ीसा में उड़िया और पश्चिम बंगाल बंगला भाषा बोली जाती है। भाषा मे इतनी ज्यादा विविधता Essay On Unity in Diversity in Hindi किसी दूसरे देश मे नही देखी जाती। भाषाई विविधता होने के बावजूद भी उत्तर भारत के लोग दक्षिण भारत मे काम करते हैं और दक्षिण भारत के लोग उत्तर भारत मे काम करते हैं। हमारे देश मे सिर्फ भाषाई विविधता ही नही है बल्कि पहनावे वही पंजाबी औरतें सलवार कुर्ता, पंजाबी शूट, शरारा पहनना ज्यादा पसंद करती है जबकि हरियाणा में महिलाएं चुनरी और दामन कुर्ता ज्यादा पहनती हैं। इतनी विविधताओं के बावजूद भी हमारा देश एक है, देश के लोग एक है, लोगो की भावना एक है और सभी भारत को अपनी मातृभूमि मानते हैं। इतनी विविधता से भरा हमारा देश भारत आज दुनियाँ का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। दुनियाँ भर के कई बड़े बड़े सोसलिस्ट हमारे देश और समाज के ऊपर अध्ययन कर रहे हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर हमारे देश मे इतनी विविधता है फिर भी सब लोग मिलजुल कर कैसे रह रहे हैं? The recent cases of mob lynching are the events that substantiate the point. भारतीय समाज की सबसे खास बात विविधता में एकता है जिसकी तारीफ दुनियाँ भर के लोग करते हैं। दुनियाँ के तमाम देशों से लोग भारत की ऐसी विविधता को देखने के लिए खिंचे चले आते हैं। भारत की इस विविधता की चर्चा सभी जगह होती है और भारतीय समाज की तारीफ इसी विविधता के कारण होती है। विविधता में एकता यह भी दर्शाती है कि भारतीय सामाजिक व्यवस्था कितनी मजबूत है और लोकतांत्रिक नियम यहाँ हजारों साल से यहाँ मौजूद है। विविधता में एकता कोई नई परिकल्पना नही है और यह सिर्फ भारत मे ही लागू नही है, बल्कि दुनियाँ के कई देशों में अनेकता में एकता को आधार बनाकर कई बड़े जनांदोलन हो चुके हैं। लेकिन भारत की विविधता की चर्चा हमेशा होती है, क्योंकि इतनी बड़ी आबादी में विविधता के बीच एकता होना एक बड़ी बात है। भारत की भौंगोलिक विविधता. भारत में बहुत ज्यादा भौंगोलिक विविधता है। भारत की स्थिति जब देखते हैं तो पता चलता है इसे हम कई अलग अलग भागों में विभाजित कर भारत के उत्तर इन सब भौंगोलिक इकाइयों का तापमान, वातावरण सब कुछ अलग अलग होता है, इसी वजह से यहाँ उगने वाली फसलें, सब्जियाँ, लोगो का रहन, सहन आदि एक दूसरे क्षेत्रों से बहुत हटकर है। भारत की भौंगोलिक स्थिति कई प्राचीन लेखों में भी इसका वर्णन मिलता है और भारत की सीमा को उत्तर के हिमालय से दक्षिण के महासागर तक बताया गया है। भारत मे कई सल्तनतें रही हैं, कई विदेशी आक्रमणकारियों ने हमला किया है लेकिन अपनी भौंगोलिक विविधता के कारण कभी भी कोई शासक पूरे भारत भारत की धार्मिक विविधता. हम सब यह जानते हैं कि भारत देश और भारतीय समाज प्राचीन काल से इस वजह से एक था क्योंकि यहां इस वजह से बुनियादी से रूप से भारतीय समाज हमेशा से एक था लेकिन जब बात राजनीतिक रूप से एकता की आती है तो यहाँ स्थिति बदल जाती है। हमारा देश शुरुआत से कभी भी एक ही शासक के आधीन नही रहा है। यहाँ तक ही जब भारत अंग्रेजों का गुलाम था उस वक़्त भी देश मे 600 छोटी बड़ी रियासतें थी। इसके पहले गुप्त शासन काल मे देश एक ही सल्तनत के अधीन था। इसके बाद देश की आजादी के बाद भी इस बात का ध्यान रखा गया था कि राजनीतिक स्तर पर विविधता बरकरार रहे ताकि देश वे सभी लोग आजादी महसूस कर सकें। भारतीय साहित्य में विविधता. The country is rich in its culture and heritage. Our mission is to provide an online platform to help students to share essays in Hindi language. We are all different people belonging to different cultures and landscapes but we stand united, together.

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Essay On Unity in Diversity in Hindi

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भारतीय संस्कृति की धारा अविच्छिन्न रही है । II. लेकिन उनके लिए बस यही कह सकते हैं कि विविधता तो दुनियाँ के लिए है बाकी दिल से हम सब पहले भारतीय है उसके बाद किसी धर्म से जुड़े हुए लोग। अब मैं अपने शब्दों को इन दो पंक्तियों अनेकता में एकता, यही तो है भारत की विशेषता. Unity in Diversity Essay in Hindi is asked in one of the most common asked essay in English. Today, we are sharing Simple essay on Long essay on Unity In Diversity in Hindi. If you liked this article, then please comment below and tell us how you liked it.


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[ 600 शब्द ] Essay on Unity In Diversity in Hindi ( Short and Simple )

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इस पर दल के सबसे युवा हाथी ने कहा- हाँ लेकिन हम जाएंगे तो भी कहा जाएंगे हमें तो कोई जगह भी नही पता। इस पर बूढ़े हाथी ने हँसते हुए कहा कि- तुम्हे नही तुम्हें नहीं पता है लेकिन हमें तो पता है ना हम बहुत सारी जगह जानते हैं जहां हम जा करके अपना पेट भर सकते हैं। इसके बाद हाथी का दल अगले दिन दूसरे जंगल मे निकल जाता है. Before publishing your Articles on this site, please read the following pages: 1. The challenges to this Diversity The diversity could at times be a factor behind the internal conflicts that various communities or groups of people are likely to have amongst them. भारत के अलग अलग क्षेत्रों ने साहित्य के लिए भी बहुत योगदान दिया है। जैसे वेदों का निर्माण उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में, यजुर्वेद का निर्माण कुरु पांचाल क्षेत्र में, उपनिषद की रचना मगध में, गीत गोविंद की रचना बंगाल में चार्यपदास उड़ीसा में, कालिदास के महाकाव्य और ड्रामा की रचना उज्जैनी में हुआ था। इसके अलावा भी भारत मे कई किताबों की रचना हुई थी, जिनमे ज्ञान-विज्ञान, कला, स्वास्थ्य आदि के बारे में जानकारी दी गई थी। इस तरह की कई किताबों को नालंदा के पुस्तकालय में इकट्ठा करके रखा गया था। भारतीय संगीत में विविधता. में खाने पीने का ढंग बदल जाता है। इतनी विविधता होने भारतीय समाज की इस विशेषता को देख कई बार बड़ी बड़ी शख्सियत हैरान होती है क्योंकि विविधता होने से यही तात्पर्य निकलता है कि कुछ कमजोरी होगी, लेकिन भारतीय समाज Essay on Unity in Diversity in Hindi 250 Words प्रस्तावना दुनियाँ की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में इसी वजह से हमारा देश इतनी विविधता से भरा हुआ है। दुनियाँ विविधता में एकता ही है भारत की असली पहचान. There are various cultures coexisting bound by the same national identity.

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