About discipline in hindi. 10 Lines Discipline in Hindi 2022-11-07

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अनुशासन का अर्थ है नियमों और कानूनों का पालन करना। अनुशासन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें सफलता और समृद्धि मिलने वाली संभवतः रास्ते प्रदर्शित करता है। अनुशासन हमें समय पर होने वाले काम को पूरा करने, अपने वार्षिक लक्ष्यों को पूरा करने, अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने आदि में मदद करता है।

अनुशासन हमारे स्वास्थ्य और सुख के लिए भी बहुत जरूरी है। अनुशासन से हम अपने शरीर को हेल्थी रखते हैं, अपनी हालत में सुधार लाते हैं और अपने मन को शांत रखते हैं। अनुशासन हमे

Essay on Discipline in Hindi

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अपने कार्यों के प्रति पूरी लगन रखना। अनुशासन का लाभ और आवश्यकता जीवन में अनुशासन को अपनाने से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। अनुशासित रहने वाले व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में मान-सम्मान और सफलता प्राप्त करते हैं। सेना और रक्षा तथा अनुसंधान संगठनों में तो जीवन तथा कार्यों में अनुशासन को सर्वोपरिमाना गया है, क्योंकि इन क्षेत्रों में एक सेकेंड या मिनट भर की देरी या फिर एक छोटी सी चूक के कारण काफी बड़े नकरात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। यही कारण है कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुशासन को इतना महत्व दिया जाता है और अधिकतम कार्यों में इसका पूर्ण रुप से पालन किया जाता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिये तो अनुशासन सफलता का सबसे महत्वपूर्ण अंग है,यदि कोई छात्र अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हुए अपना अध्ययन करता है, तो उसे सफलता अवश्य प्राप्त होती है। यही कारण है कि छात्र जीवन में अनुशासन को सफलता का आधार माना गया है। ना सिर्फ विद्यार्थी जीवन में बल्कि कैरियर और घरेलू जीवन में भी अनुशासन का काफी महत्व है, जो लोग अपने जीवन में अनुशासन को अपना लेते हैं, वह कई तरह के परेशानियों से बच जाते हैं। इसके साथ ही जो व्यक्ति अनुशासन के साथ जीवन जीते हैं, उन्हें अनुशासनहीन व्यक्तियों कि अपेक्षा जीवन में कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। एक ओर जहाँ छात्रों के लिये यह उनके भविष्य को सुनहरा बनाने का कार्य करता है, वही दूसरी ओर नौकरीपेशा लोगों के लिये यह तरक्की के मार्ग भी खोलता है। निष्कर्ष हम कह सकते हैं कि अनुशासन जीवन में सफलता की कुंजी है और जो व्यक्ति इसे अपने जीवन में अपनाता है, वह अपने जीवन में सफलता अवश्य प्राप्त करता है। यही कारण है कि आज के इस आधुनिक युग में भी अनुशासन को इतना महत्व दिया जाता है। FAQs: Frequently Asked Questions on Discipline अनुशासन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न. हर एक के जीवन में अनुशासन सबसे महत्पूर्ण चीज है। बिना अनुशासन के कोई भी एक खुशहाल जीवन नहीं जी सकता है। कुछ नियमों और कायदों के साथ ये जीवन जीने का एक तरीका है। अनुशासन सब कुछ है जो हम सही समय पर सही तरीके से करते हैं। ये हमें सही राह पर ले जाता है।हम अपने रोजमर्रा के जीवन में कई प्रकार के नियमों और कायदों के द्वारा अनुशासन पर चलते हैं। अनुशासन पर छोटे तथा बड़े निबंध Short and Long Essay on Discipline in Hindi, Anushasan par Nibandh Hindi mein निबंध 1 250 शब्द — अनुशासन प्रस्तावना अनुशासित व्यक्ति आज्ञाकारी होता है और उसके पास उचित सत्ता के आज्ञा पालन के लिये स्व-शासित व्यवहार होता है। अनुशासन पूरे जीवन में बहुत महत्व रखता है और जीवन के हर कार्यों में इसकी जरुरत होती है। यह सभी के लिये आवश्यक है जो किसी भी प्रोजेक्ट पर गंभीरता से कार्य करने के लिये जरुरी है। अगर हम अपने वरिष्ठों की आज्ञा और नियमों को नहीं मानेंगे तो अवश्य हमें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और असफल भी हो सकते हैं। अनुशासन का पालन हमें हमेशा अनुशासन में होना चाहिये और अपने जीवन में सफल होने के लिये अपने शिक्षक और माता-पिता के आदेशों का पालन करना चाहिये। हमें सुबह जल्दी उठना चाहिये, निययमित दिनचर्या के तहत साफ पानी पीकर शौचालय जाना चाहिये, दाँतों को साफ करने के बाद नहाना चाहिये और इसके बाद नाश्ता करना चाहिये। बिना खाना लिये हमें स्कूल नहीं जाना चाहिये। हमें सही समय पर स्वच्छता और सफाई से अपना गृह-कार्य करना चाहिये। हमें कभी भी अपने माता-पिता की बातों का निरादर, नकारना या उन्हें दुखी नहीं करना चाहिये। हमें अपने स्कूल में पूरे यूनिफार्म में और सही समय पर जाना चाहिये। कक्षा में स्कूल के नियमों के अनुसार हमें प्रार्थना करना चाहिये। हमें अपने शिक्षकों की आज्ञा का पालन करना चाहिये, साफ लिखावट से अपना कार्य करना चाहिये तथा सही समय पर दिये गये पाठ को अच्छे से याद करना चाहिये। हमें शिक्षक, प्रधानाध्यापक, चौकीदार, खाना बनाने वाले या विद्यार्थियों से बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिये। निष्कर्ष हमें सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिये, चाहे वो घर, स्कूल, कार्यालय या कोई दूसरी जगह हो। बिना अनुशासन के कोई भी अपने जीवन में कोई भी बड़ी उपलब्धि प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिये अपने जीवन में सफल इंसान बनने के लिये हमें अपने शिक्षक और माता-पिता की बात माननी चाहिये। निबंध 2 300 शब्द — अनुशासन: सफलता की चाबी प्रस्तावना अनुशासन एक क्रिया है जो अपने शरीर, दिमाग और आत्मा को नियंत्रित करता है और परिवार के बड़ों, शिक्षकों और माता-पिता की आज्ञा को मानने के द्वारा सभी कार्य को सही तरीके से करने में मदद करता है। ये एक ऐसी क्रिया है जो अनुशासन में रह कर हर नियम-कानून को मानने के लिये हमारे दिमाग को तैयार करती है। हम अपने दैनिक जीवन में सभी प्राकृतिक संसाधनों में वास्तविक अनुशासन के उदाहरण को देख सकते हैं। अनुशासन- सफलता की चाबी सूरज और चाँद का सही समय पर उगना और अस्त होना, सुबह और शाम का अपने सही समय पर आना और जाना, नदियाँ हमेशा बहती है, अभिभावक हमेशा प्यार करते हैं, शिक्षक हमेशा शिक्षा देते है और भी बहुत कुछ। तो फिर क्यों हम अपने जीवन में पीछे हैं, बिना परेशानियों का सामना किये आगे बढ़ने के लिये हमें भी अपने जीवन में सभी जरुरी अनुशासन का पालन करना चाहिये। हमें अपने शिक्षक, अभिभावक और बड़ों की बातों को मानना चाहिये। हमें उनके अनुभवों के बारे में उनसे सुनना चाहिये और उनकी सफलता और असफलता से सीखना चाहिये। जब भी हम किसी चीज को गहराई से देखना और समझना शुरु करते हैं, तो ये हमें जीवन में महत्वपूर्ण सीख देता है। मौसम अपने सही समय पर आता और जाता है, आकाश बारिश करता है और रुकता है आदि सभी सही समय होती हैं जो हमारे जीवन को संतुलित बनाती है। इसलिये, इस धरती पर जीवन चक्र को कायम रखने के लिये हमें भी अनुशासन में रहने की जरुरत है। हमारे पास अपने शिक्षक, अभिभावक, पर्यावरण, परिवार, वातावरण और जीवन आदि के प्रति बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं। मानव होने के नाते हमारे पास सोचने-समझने का, सही-गलत के बारे में फैसला करने के लिये और अपनी योजना को कार्य में बदलने के लिये अच्छा दिमाग है। इसलिये, अपने जीवन में अनुशासन के महत्व और जरुरत को जानने के लिये हम अत्यधिक जिम्मेदार हैं। निष्कर्ष अनुशासनहीनता की वजह से जीवन में ढेर सारी दुविधा हो जाती है और व्यक्ति को गैर-जिम्मेदार और आलसी बना देता है। ये हमारे विश्वास के स्तर को कम करती है और आसान कार्यों में भी व्यक्ति को दुविधाग्रस्त रखती है। जबकि अनुशासन में होने से ये हमें जीवन के सबसे अधिक ऊंचाईयों की सीढ़ी पर ले जाती है। निबंध 3 400 शब्द — स्व-अनुशासन की जरुरत प्रस्तावना अनुशासन कुछ ऐसा है जो सभी को अच्छे से नियंत्रित किये रखता है। ये व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करता है और सफल बनाता है। हम में से हर एक ने अपने जीवन में समझदारी और जरुरत के अनुसार अनुशासन का अलग-अलग अनुभव किया है। जीवन में सही रास्ते पर चलने के लिये हर एक व्यक्ति में अनुशासन की बहुत जरुरत पड़ती है। स्व-अनुशासन की जरुरत अनुशासन के बिना जीवन बिल्कुल निष्क्रिय और निर्थक हो जाता है क्योंकि कुछ भी योजना अनुसार नहीं होता है। अगर हमें किसी भी प्रोजेक्ट को पूरा करने के बारे में अपनी योजना को लागू करना है तो सबसे पहले हमें अनुशासन में होना पड़ेगा। अनुशासन दो प्रकार का होता है एक वो जो हमें बाहरी समाज से मिलता है और दूसरा वो जो हमारे अंदर खुद से उत्पन्न होता है। हालाँकि कई बार, हमें किसी प्रभावशाली व्यक्ति से अपने स्व-अनुशासन आदतों में सुधार करने के लिये प्रेरणा की जरुरत होती है। हमारे जीवन के कई पड़ावों पर बहुत से रास्तों पर हमें अनुशासन की जरुरत पड़ती है इसलिये बचपन से ही अनुशासन का अभ्यास करना अच्छा होता है। स्व-अनुशासन का सभी व्यक्तियों के लिये अलग-अलग अर्थ होता है जैसे विद्यार्थियों के लिये इसका मतलब है सही समय पर एकाग्रता के साथ पढ़ना और दिये गये कार्य को पूरा करना। हालाँकि काम करने वाले इंसान के लिये सुबह जल्दी उठना, व्यायाम करना, समय पर कार्यालय जाना और ऑफिस के कार्य को ठीक ढंग से करना। हर एक में स्व-अनुशासन की बहुत जरुरत है क्योंकि आज के आधुनिक समय में किसी को भी दूसरों को अनुशासन के लिये प्रेरित करने का समय नहीं है। बिना अनुशासन के कोई भी अपने जीवन में असफल हो सकता है, अनुशासन के बिना कोई भी इंसान कभी भी अपने अकादमिक जीवन या दूसरे कार्यों की खुशी नहीं मना सकता। स्व-अनुशासन की जरुरत हर क्षेत्र में होती है जैसे संतुलित भोजन करना मोटापे और बेकार खाने को नियंत्रित करना , नियमित व्यायाम इसके लिये एकाग्रता की जरुरत है आदि। गड़बड़ और अनियंत्रित खाने-पीने से किसी को भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ हो सकती हैं इसलिये स्वस्थ रहने के लिये अनुशासन की जरुरत है। अभिवावक को स्व-अनुशासन को विकसित करने की जरुरत है क्योंकि उसी से वो अपने बच्चों को एक अच्छा अनुशासन सिखा सकते हैं। उन्हें हर समय अपने बच्चों को प्रेरित करते रहने की जुरुरत पड़ती है जिससे वो दूसरों से अच्छा व्यवहार करें और हर कार्य को सही समय पर करें। कुछ शैतान बच्चे अपने माता-पिता के अनुशासन को नहीं मानते हैं, ऐसे वक्त में अभिभावकों को हिम्मत और धैर्य के साथ अपने बदमाश बच्चों को सिखाना चाहिये। निष्कर्ष प्रकृति के अनुसार अनुशासन को ग्रहण करने की सभी व्यक्ति का अलग समय और क्षमता होती है । इसलिये, कभी हार मत मानो और लगातार प्रयास करते रहो अनुशासन में होने को, छोटे-छोटे कदमों से ही बड़ी मंजिलें हासिल की जा सकती हैं। निबंध 4 600 शब्द — जीवन में अनुशासन का महत्व प्रस्तावना अनुशासन हमारे जीवन का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बिना हमारा जीवन सुचारु रुप से नहीं चल सकता, खासतौर से आज के आधुनिक समय में अनुशासन बहुत ही आवश्यक है क्योंकि इस व्यस्तता भरे समय में यदि हम अनुशासन भरे दिनचर्या का पालन ना करें तो हमारा जीवन अस्त-व्यस्त हो जायेगा। जीवन में अनुशासन का महत्व अनुशासन कार्यों को क्रमबद्ध तथा संयमित तरीको से करने की एक विधि होती है, यदि हम नियमित रुप से अनुशासित दिनचर्या का पालन करें तो हम अपने जीवन स्तर को काफी अच्छा बना सकते हैं। यह हमें हमारे कार्यों को और भी अच्छी तरह से करने में हमारी सहायता करता है। शोधों में देखा गया है कि जो लोग अपने जीवन को अनुशासित तरीके से जीते हैं। वह अस्त-व्यस्त दिनचर्या का पालन करने वालों की अपेक्षा अपने समय तथा उर्जा का अधिक अच्छीतरह उपयोग कर पाते हैं। इसके साथ ही अनुशासन हमारे स्वास्थ्य और सामाजिक स्तर को सुधारने में भी हमारी सहायता करता है। यही कारण है कि जीवन में अनुशासन का पालन करने वालों को अनुशासनहीनव्यक्तियोंकी अपेक्षा अधिक मान-सम्मान और सफलता प्राप्त होती है। वास्तव में अनुशासन का अर्थ, यह नहीं है कि हम दूसरों के बताये कार्यों का पालन करके अपने जीवन में अनुशासन लाने का प्रयास करें, इसके बजाय हमें अपने जीवन में स्वअनुशासन का पालन करना चाहिए क्योंकि स्वंय द्वारा पालित अनुशासन ही सर्वोत्तम होताहै, हर एक व्यक्ति का लक्ष्य तथा कार्यप्रणाली दूसरे से भिन्न होती है, इसलिए दूसरों द्वारा बताये गये अनुशासन के तरीकों को हमें अपने प्राथमिकता के आधार पर अपनाना चाहिए। अनुशासित रहने के तरीके हम अपने जीवन में अनुशासन को अपनाने के लिए निम्नलिखित तरीकों का पालन कर सकते हैं। 1. आज के समय में अनुशासन क्यों नहीं दिखता? विद्यार्थी जीवन में अनुशासन विद्यार्थी को चाहिए कि प्रतिदिन प्रातकाल; उठकर व्यायाम करे, अध्ययन करे, स्नान करे और विद्यालय के लिए शीघ्र तैयार हो जाये. LIFE ORIENTED CURRICULUM Life oriented curriculum is unique as it applies a holistic approach to the personal, social, intellectual, emotional, spiritual, motor, and physical growth and development of learners. Discipline and behaviour स्कूल को इस बात पर पहले से ही सहमति होनी चाहिए 4. Curriculum is the overall content, taught in an educational system or a course. Education is the highway to realize the cultural as well as socio-political goals of the country.

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discipline Meaning in Hindi

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यह हमे सही रास्ते पर ले जाता है 7. मनुष्य का पहला कर्त्तव्य यह है वह स्वयं अनुशासित हों. अनुशासन दो प्रकार का होता है- आत्मिक और ब्राह्य. इस तरह परिवार तथा हमारे समाज में भी कुछ निति नियमों का होना आवश्यक हो जाता हैं ताकि समाज सही दिशा में आगे प्रगति कर सके. यदि किसी व्यक्ति में अनुशासनहीनता का गुण होता है तो वह स्वयं की कठिनाइयों के लिए ही खाई खोदता हैं. एक संतुलित और नियमित दिनचर्या का पालन करना। 2. यही कारण है कि देश की प्रगति और विकास सही प्रकार से नही हो पा रहा हैं.

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Hindi : Discipline Specific Course Guess Paper

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व्यर्थ के कार्यों से दूर रहना। 4. It may also refer to punishment. Differences Between Syllabus and Curriculum Curriculum and syllabus are of equal importance for an institute, but there is a distinction between the two of these. The teachers are responsible for the quality of the course. अनुशासन का मतलब होता है, हमेशा अपने नियमों का पालन करते रहना। 2. Dharam is not to be worn,life's means of discipline धर्म ओढ़ने की चीज नहीं है जीवन में आचरण करने की सतत सत्य साधना है। 9. एक संतुलित और नियमित दिनचर्या का पालन करना। 2.

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10 Lines Discipline in Hindi

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Of these two enormous disciplines that humanity has. बुरी आदतों और कार्यों से दूरी बनाना। 5. अनुशाशन ही सफलता की पहली सीढ़ी है 6. Syllabus is the document that contains all the portion of the concepts covered in a subject. For example - psychology, sociology, anthropology, mathematics, and philosophy are all disciplines.

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Discipline Essay In Hindi

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जीवन में अनुशासन का क्या महत्व है? यह द्वीप अर्जी-हुकुमत-ए-आजाद-हिंद के अनुशासन में रहें। 7. व्यर्थ के कार्यों से दूर रहना। 4. The two terms differ in the sense that curriculum is a combination of some factors which help in the planning of an educational program, whereas a syllabus covers the portion of what topics should be taught in a particular subject. Subject refers to a branch of knowledge studied or taught. Curriculum is not accessible to students. KNOWLEDGE AND DISCIPLINES What is Knowledge? Syllabus is a descriptive list of subjects that are to be taught in a class.

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अनुशासन पर निबंध

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घड़ी की सुई भी अनुशासन का पालन करते हुए चलती हैं. Curriculum is made at the state, district, or institute level. तथा इस तरह नियमबद्ध कार्य करने से आनन्द की प्राप्ति भी होती हैं. Curriculum is related to the all-round development of a student. It cannot be used in a disciplined or organised manner. यह वह मार्ग हैं जो जीवन में सफलता प्राप्त करवाता हैं, विद्यार्थियों को बचपन से ही अनुशासन में रहना चाहिए, अनुशासन में रहने की सीख उन्हें अपने घर से ही प्राप्त होती हैं.

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Best Essay On Discipline In Hindi अनुशासन पर निबंध

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Also see " Discipline" on Wikipedia. जीवन में अनुशासन का महत्व अनुशासन कार्यों को क्रमबद्ध तथा संयमित तरीको से करने की एक विधि होती है, यदि हम नियमित रुप से अनुशासित दिनचर्या का पालन करें तो हम अपने जीवन स्तर को काफी अच्छा बना सकते हैं। यह हमें हमारे कार्यों को और भी अच्छी तरह से करने में हमारी सहायता करता है। शोधों में देखा गया है कि जो लोग अपने जीवन को अनुशासित तरीके से जीते हैं। वह अस्त-व्यस्त दिनचर्या का पालन करने वालों की अपेक्षा अपने समय तथा उर्जा का अधिक अच्छीतरह उपयोग कर पाते हैं। इसके साथ ही अनुशासन हमारे स्वास्थ्य और सामाजिक स्तर को सुधारने में भी हमारी सहायता करता है। यही कारण है कि जीवन में अनुशासन का पालन करने वालों को अनुशासनहीनव्यक्तियोंकी अपेक्षा अधिक मान-सम्मान और सफलता प्राप्त होती है। वास्तव में अनुशासन का अर्थ, यह नहीं है कि हम दूसरों के बताये कार्यों का पालन करके अपने जीवन में अनुशासन लाने का प्रयास करें, इसके बजाय हमें अपने जीवन में स्वअनुशासन का पालन करना चाहिए क्योंकि स्वंय द्वारा पालित अनुशासन ही सर्वोत्तम होताहै, हर एक व्यक्ति का लक्ष्य तथा कार्यप्रणाली दूसरे से भिन्न होती है, इसलिए दूसरों द्वारा बताये गये अनुशासन के तरीकों को हमें अपने प्राथमिकता के आधार पर अपनाना चाहिए। इसे भी पढ़े: अनुशासित रहने के तरीके हम अपने जीवन में अनुशासन को अपनाने के लिए निम्नलिखित तरीकों का पालन कर सकते हैं। 1. Curriculum cannot be easily adjusted. It can also be defined as a form of specific and rigorous scientific training that will turn out practitioners who have been disciplined by their discipline subject for their own good. LIFE ORIENTATION Life orientation is an inter-disciplinary subject that draws on and integrates knowledge, values, skills, and processes embedded in various disciplines such as Sociology, Psychology, Political Science, Human Movement Science, Labour Studies, and Industrial Studies.

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discipline in Hindi

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